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महेश सेवा संघ पुणे - इतिहास

महेश सेवा संघ पुणे की स्थापना सन १९८२ में हुई है । पुणे शहर का विस्तार व भविष्य कालीन विस्तार की दूरदृष्टी रखते हुए जिल्हा संघटन के सहायता हेतु और समाजमे बढ़ता अवडंबर,दिखावा , फिजूलखर्च इ. के विरोध में लढाई और समाजकी आर्थिक , सामाजिक, सांस्कृतिक ,शैक्षणिक , शारीरिक विकास और उन्नति को ध्यान में रखते हुए संघटन द्वारा प्रयास करने हेतु समाजप्रेमी सर्वश्री स्व. श्री मोतीलालजी मालाणी,सर्वश्री स्व. श्री प्रेमसुखदासजी मुंदड़ा , स्व. श्री भंवरलालजी भट्टड , स्व. श्री शिवनरायणजी भुतडा , स्व. श्री रामचन्द्रजी जाजू ,स्व. श्री श्रीनिवासजी भट्टड , डॉ. रमेशजी हेड़ा , श्रीनिवासजी करवा , जगन्नाथजी लाहोटी , त्रिम्बकदासजी (राजाभाऊ ) मालपानी , सुभाषजी नावंदर , प्रकाशजी मूंदड़ा , प्रकाशजी सारडा इ.समस्त महानुभावोंने महेश सेवा संघ पुणे की स्थापना की।

आज संघटन को ३४ साल समाजसेवाका व्रत लेके हो गए । संगठन में नये नये कार्यकर्ता जुड़ते चले गए , आज के तारीख में ५५० के उपर सदस्य संख्या हो गयी है , महिला और युवा शक्ति का सहयोग हर एक कार्यक्रम में जोर शोर से होते देख कर महिला और युवा समिति का गठन किया गया। समाज हित से प्रेरित संग़ठन केवल स्थानिक स्तर पर सिमित न रहते संगठन ने समाज के विविध स्तर पर भी कर्मठ कार्यकर्ता भेजकर , राज्यस्तरीय और राष्ट्रस्तर पर भी समाज के प्रगति हेतु पुणे की आवाज पहुंचाने में सफल रहे है । संघठन के अनेक कार्यकर्ता को विशेष कार्यकारी दंडाधिकारी पद से सन्मानित किया गया। संघ के कार्य से प्रभावित होकर सी.ए. नंदकिशोर मालानी , प्रकाश पुंगलीया , जवाहर बाहेती , अशोक राठी जैसे अनेक कार्यकर्ताओंका पुणे महानगर पालिका एवं अन्य प्रमुख सामाजिक संस्थावो द्वारा सन्मान हुवा है। महेश सेवा संघ पुणे कार्यकर्ता निर्माण का कार्य भी करता आ रहा है। निर्मित कर्मठ कार्यकर्ता अन्य सामाजिक संस्थाओ में पदाधिकारी आसन विभूषित कर रहे है।

समाज के फ़िजूल खर्च को रोक लगाने हेतु " सामूहिक विवाह " का आयोजन संघठन द्वारा किया जा रहा था ,लगातार २८ साल यशस्वी आयोजन किया गया था। संघठन के कार्यकर्ता की खुद्की शादी व बच्चे की शादी इस समारोह में की गयी है। संघ के कर्मठ कार्यकर्ता डॉ रमेश हेड़ा, प्रकाश मूंदड़ा , जवाहर बाहेती , प्रवीण भराड़िया आदि सभी अभिनन्दन के पात्र है। नाममात्र शुल्क लेते हुए वधु को घागरा , वर को सफारी सूट , प्रचलित प्रथा नुसार ५ बर्तन , पूजा सामग्री , पंडित, पत्रिका दोनों की तरफ से ५० - ५० लोगो की आवास व्यवस्था , नाश्ता , चाय-पान , मिष्टान भोजन , बिदडी के साथ व्यवस्था करने से २८ साल में कमाल ११ शादी का आयोजन किया गया है। समाज में मांग कम होने से विगत २ वर्षो से यह उपक्रम आयोजित नही हो सका , लेकिन आज भी इसकी आवश्यकता है , नही ज्यादा आवश्यकता है।

संगठन में अभीभी उत्साह है ,समाज के सभी वर्ग ने गंभीरता से इसपर विचार कर ,निर्णय लेकर शामिल होने की इच्छा प्रदर्शित करें तो संघ आयोजन करने में तत्पर रहेगा। सतत इस काम में रहने वाले श्री डॉ. रमेशजी हेड़ा ,श्री श्रीकांतजी लखोटिया अभिनंदन के पात्र है।

समाजमे होनेवाले शुभकार्योंमे दो (२) ही मिष्ठान्न बने और झूठा न जाये इस लिए संघ के अनेक कार्यकर्ताओंने अथक प्रयास किये है।

समाज में अभी दिख रही वैवाहिक समस्या , सबंध जोड़ने की समस्या गंभीर होती जा रही है , इस समस्या का दूरगामी विचार करते हुए परिचय सम्मेलन का आयोजन भी कर रहे है। इसके साथ में बायोडेटा सेंटर (विवाह सहयोग केंद्र ) भी निशुल्क शुरू है। संगठन में अपने पुरे कार्यकाल में कई परिचय सम्मेलन आयोजित किये है। और नवंबर २०१५ में आयोजित करने जा रहे है।

स्वप्न

संगठन का कामकाज कार्यकर्ताओ की घर से कर रहे है , स्थापना से आजतक सामाजिक कार्यक्रम दान दाता और कार्यकर्ताओंके के सहकार्य से हो रहे है , वक्त की मांग आज संगठन को कार्यालय की आवश्यकता दिख रही है , समाजबंधुओ का हमेशा की तरह साथ मिला तो यह जरुरत भी पूरी हो जाएगी, संगठन को सब के शक्ति की आवश्यकता है , कोई श्रम शक्ति , कोई आर्थिक शक्ति , देकर सभी उपक्रम यशस्वी बनाते आये है

संकल्प

  • सार्वजनिक भोजन कार्यक्रम में अन्न का अपव्यय न हो इसके लिए प्रयास।
  • आचार संहिता के वारंवार जिल्हा सभा में और सामाजिक स्तर पर चर्चा हो इसके लिए प्रयत्न कर रहे है।
  • बिगड़े वैवाहिक संबध , पारिवारिक संबध पूर्व स्तिथि पर लाने हेतु अथक प्रयास।
  • अन्तर्जातीय संबंधो के विरोधमे लढाई।
  • अनैतिकता को मिटाकर नैतिकता को अपनांने का संकल्प।